CAA ने हिंसा के बारे में हुआ खुलासा , कपिल सिब्बल-इंदिरा जय सिंह ने लाखों रुपये दिए

राजनीति

नागरिकता अनुसंधान अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए।कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन बेहद हिंसक हो गए। लाखों रुपये सार्वजनिक संपत्ति में पहुंचा दिए गए। अब इस हसा का कारण कांग्रेस नेता का शामिल होना है।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को भी हिंसा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए दिखाया गया है। यह खुलासा गतिविधि निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई विस्तृत जांच से हुआ है।

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने नागरिक संशोधन अधिनियम-सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के बारे में एक बड़ा खुलासा किया है।एजेंसी ने दावा किया है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और रिहैब इंडिया फाउंडेशन ने सीएए के विरोध को जारी रखने के लिए 134 करोड़ रुपये की फंडिंग की है। ईडी की टीम को पीएफआई संगठन से जुड़े 73 बैंक खातों की जानकारी मिली है।

बड़े वकीलों को फंड मुहैया कराया गया

सूत्रों ने बताया है कि पीएफआई के बैंक खाते ने देश के कई बड़े वकीलों को पैसा दिया है। इसमें कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और प्रमुख वकील इंदिरा जयसिंह का नाम भी शामिल है। सूत्रों का कहना है कि 120 करोड़ रुपये दो या तीन दिनों के भीतर जमा किए गए थे और इसे तुरंत वापस ले लिया गया था। पीएफआई से कई बड़े वकीलों को पैसा भेजा गया है।

उत्तर प्रदेश

कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने PFI पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। सीएएफ के विरोध में उत्तर प्रदेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन के पीछे पीएफआई का हाथ बताया जाता है। उत्तर प्रदेश के DGP ओ.पी. सिंह ने कहा कि पीएफआई के 25 सदस्यों को राज्य के कई इलाकों में दंगे और बर्बरता के आरो में गिरफ्तार किया गया था।

ईडी की जांच के अनुसार, सीएए के खिलाफ भड़काने के लिए उत्तर प्रदेश के बहराइच, बिजनौर, हापुड़, शामली और डासना से रुपये एकत्र किए गए थे। जिसमें कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने रु।

संगठन PFI क्या है?

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के बारे में कहा जाता है कि यह एक कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन है। इसके बारे में कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी इस संगठन में ISIS और सिमी के साथ संपर्क की तलाश कर रही है। एजेंसियां ​​कुछ चौंकाने वाली जानकारियां लेकर आई हैं। PFI के बारे में कहा जाता है कि इसका केरल मॉड्यूल ISIS के लिए काम कर रहा था। वहां से इसके सदस्य सीरिया और इराक में आईएसआईएस में शामिल हो गए।

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